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Sunday, January 30, 2011

Woh Bhi Kya Din The Jab Bus Khilone Tuta Karte The


Woh Bhi Kya Din The Jab Bus Khilone Tuta Karte The,

Girtey They Aansu, Par Do Pal Ko Rootha Karte The

Khilkhila Kar Hansti Thi Khushiyaan,

Alvida Keh Kar Bhi Kahan Chhoota Karte The

Baras Ke Sawan Humen Hansaya Karta Tha,

Pyara Sa Bachpan Hardum Khushiya Lutaya Karta Tha

Papa Ke Kandhon Par Baith Dekhte The Duniya,

Sara Jamana Hum Par Sir Jhukaya Karta Tha

Woh Din Vo Bachpan Bahut Yaad Aata Hai,

Woh Zindgi Fir Jeene Ko Dil Lalchaata Hai

Sawal Tujhse Aye Khuda! Aur Niyati Se Bhi,

Kyon... Itni Jaldi Ek Baccha Bada Ho Jata Hai.

Wednesday, November 24, 2010

Kahan gaye woh dost ...

कहाँ गये वो दोस्त, जो हरदम याद किया करते थे...,
जान - बुझकर न सही, मगर भूले से भी मेल किया करते थे...,
खुशी और गम में हमारा साथ दिया करते थे...,
लगता है सब खो गया है ... प्रोजेक्ट्स की डेड्लाइन्स में...,
न अपनी न हमारी, जाने किसकी यादों में...,
ज़िन्दगी को भुला चुके हैं, नौकरी की आड में...,
हरदम फ़ँसे रहते है, अपने पी.एम. के जाल में...,
कभी आओ मिलो हमसे, बैठकर बाते करो...,
दर्द - ए- दिल अपना कहो, हाले - ए - दिल हमारा सुनो...,
क्या रंजिश, क्या है शिकवा, क्या गिला और क्या खता... ;
हम भी जाने तुम भी जानो, आखिर क्या मंज़र क्या माजरा...,
बस भी करो अब...
कह भी दो, अपने दिल का हाल,
क्या करोगे खामोश रहकर
जो चली गई ये ज़िन्दगी, चला गया ये कारवां...;
जागो प्यारे...! अब बस भी करो,
सिर्फ़ काम नही, थोडा ज़िन्दगी को भी महसूस करो...,
खाओ, पिओ, हँसो, गाओ, झूमों, नाचो, मौज करो...,
हकीकत में ना भले पर कम - से - कम ...
.. भूल से ही सही हमें याद तो करो...
हम तो हरदम देंगे यही दुआ आपको..
याद न भी करो तो क्या, चलो, एन्जॉय ही करो।