Sharad Mishra
Wednesday, February 17, 2010
Bas ek baar
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bas ek bar wapas lautne ka man karta hai Aaj har wo baat yaad aati hai kuch buri batein jo ab acchi lagti hain kuch batein jo kal ki hi bate...
Tuesday, February 2, 2010
धूप ही क्यों ??
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धूप ही क्यों छांव भी दो पंथ ही क्यों पांव भी दो सफर लम्बी हो गई अब, ठहरने को गांव भी दो । प्यास ही क्यों नीर भी दो धार ही क्यों तीर भी दो जी...
3 comments:
Saturday, January 30, 2010
My wishes
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इस छोटी सी जिन्दगी के, गिले-शिकवे मिटाना चाहता हूँ, सबको अपना कह सकूँ, ऐसा ठिकाना चाहता हूँ, टूटे तारों को जोड़ कर, फिर आजमाना चाहता हूँ, ब...
Me and my roommate
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मैं और मेरा रूममेट अक्सर ये बातें करते हैं, घर साफ होता तो कैसा होता. मैं किचन साफ करता तुम बाथरूम धोते, तुम हॉल साफ करते मैं बालकनी देखता. ...
A real fact
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अपने ग़मो की य़ू नुमाईश ना कर, अपने नसीब की य़ू आजमाईश ना कर, जो तेरा है, तेरे दर पे खुद आयेगा, रोज़ रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश ना कर्!!
Me and my life
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मैं दो कदम चलता और एक पल को रुकता मगर........... इस एक पल जिन्दगी मुझसे चार कदम आगे बढ जाती । मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रुकता और.... ज...
Who am I?
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Is anjnabi duniya mein,Akela ek khawaab hu main, Sawaalo se khafa,Chhota sa jawaab hu main, Jo na samjh sake,Unke liye "KOUN" main...
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