Sharad Mishra

Friday, October 24, 2025

जिंदगी अच्छी थी... बस

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 ज़िंदगी अच्छी थी, मगर कहानी अधूरी रही,   हर खुशी के बाद बस, तन्हाई ज़रूरी रही। किस्मत ने छीनी नहीं, बस धीरे से बदल दी,   जिस मकाँ की तलाश थ...
Tuesday, February 18, 2020

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मैं खफा हूँ पर चाहता हूँ वो मुझसे बात करे मैं जुदा हूँ पर चाहता हूँ वो मेरे करीब रहे मैं लाख गलत हूँ पर चाहता हूँ वो सही रहे मैं चुप हूँ...

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जो दिल मे रहते थे वो दिमागों में भी नहीं जो निगाहों में रहते थे वो यादों में भी नहीं जो बातों में रहते थे वो अब वादों में भी नहीं जो आहों म...
Thursday, May 17, 2018

ज़िंदगी

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ज़िन्दगी से लम्हे चुरा, बटुए मे रखता रहा! फुरसत से खरचूंगा, बस यही सोचता रहा। उधड़ती रही जेब, करता रहा तुरपाई फिसलती रही खुशियाँ, करता रहा ...
2 comments:
Monday, April 9, 2018

हिदी शायरी

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हम लोग भी कितने अजीब है... निशानियाँ तो महफूज रखते है और लोगों को खो देते है। वो दुश्मन बनकर मुझे जीतने निकले थे, दोस्ती कर लेते तो मैं ख...
Sunday, April 1, 2018

अकेले है वो...

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अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं मिरी याद से जंग फ़रमा रहे हैं ये कैसी हवा-ए-तरक़्क़ी चली है दिए तो दिए दिल बुझे जा रहे हैं
Saturday, March 17, 2018

काश...

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मैं उस समय मे वापस जाना चाहता हूँ.... 👉जहां ड्रिंक का मतलब सिर्फ "रसना" था 👉जहाँ सिर्फ "पापा" ...
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